सत्य व्यास : दिल्ली दरबार (भाग 2) | DREAMING WHEELS

भेद जिया के खोले ना

सत्य व्यास : दिल्ली दरबार (भाग 2) सत्य व्यास युवाओं के चहेते हैं। उन्होंने अपने उपन्यास में भी दो ऐसे युवकों का चुनाव किया है जिनका जिंदगी को देखने का नज़रिया एक-दूसरे बहुत अलग है पर हैं पक्के दोस्त। ऐसे कई उदाहरण आपको अपने आस-पास भी मिल जाएंगे और यही इस उपन्यास की खासियत है। साहिल की तरफ़ कश्ती ले […]

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मन्नू भंडारी : मैं हार गई (भाग 1) | Dreaming Wheels

मन्नू भंडारी : मैं हार गई (भाग 1) मन्नू भंडारी हिंदी साहित्य का एक जाना-माना नाम है। उन्होंने अनेक कहानियां, उपन्यास, पटकथाएं और नाटकों की रचना की है। उनके पिता सुखसम्पतराय भी लेखक थे सो लेखन उन्हें विरासत में मिला। यों तो वे बहुत कम उम्र से ही कहानियां लिखने लगी थीं पर प्रसिद्धि धर्मयुग पत्रिका में प्रकाशित होने वाले […]

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चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 3) | Dreaming Wheels

चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 3) चेखव की जिन दो कहानियों का ज़िक्र अब मैं करने जा रही हूँ ये दोनों प्रेम के दो अलग-अलग अनुभव हैं। जहां पहली कहानी में प्रेम से कहे गए दो शब्दों से पूरी जिंदगी महकती रहती है वहीं दूसरी कहानी में आकर्षण रूपी प्रेम बंधन के खयाल से ही रफ़ूचक्कर हो जाता है।  4: […]

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चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 2) | Dreaming Wheels

चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 2) चेखव एक ऐसे कथाकार जो किसी भी सामान्य परिस्थिति में भी ऐसा वातावरण ढूंढ लेते थे जो उसे ख़ास बना देता है और वे उनके पात्रों में रचे-बसे मालूम होते हैं। उनकी तीसरी कहानी भी कुछ ऐसी ही है और इन पाँचों कहानियों में मेरी सबसे पसंदीदा भी जिसे एक बार पढ़ने के बाद […]

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चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 1) | Dreaming Wheels

चेखव:संवेदनाओं का चर्चित चितेरा (भाग 1) रूसी साहित्य का एक जाना-माना लेखक जिसने अनेक विधाओं में अपनी लेखनी का जादू बिखेरा। उनकी कहानियों को पढ़कर ऐसा लगता है जैसे वह आपके सामने ही घटित हो रहा हो। चेखव अपने पात्रों की भावनाओं का वर्णन इस प्रकार करते हैं जैसे वह स्वयं उनके साथ हो रहा हो चाहे वह सुख-दुख हो,मन […]

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